
कुत्तो का कब्रिस्तान
शहादत चाहे इंसान की हो या जानवर की, उसे हर कोई सलाम करता है। मध्यप्रदेश के इंदौर के एक परिवार ने अपने कुत्ते की शहादत की याद में एक कब्रिस्तान बनवाया है, जिसमें सिर्फ कुत्तों को दफनाया जाता है।
बात 1992 की है, जब इंदौर में सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। यहां के चंदन नगर के रहने वाले नौशाद हुसैन के घर पर कुछ दंगाइयों ने हमला बोल दिया। तब उनके कुत्ते ने दंगाइयों को घर के भीतर घुसने नहीं दिया। हालांकि इस कोशिश में उसकी जान चली गई। नौशाद ने अपने कुत्ते की शहादत को यादगार बनाने की ठान ली। पुलिस विभाग में कार्यरत नौशाद ने अपने संकल्प को अमली जामा पहनाते हुए कुत्तों के लिए कब्रिस्तान बनवाया है। अभी तक इस कब्रिस्तान में 200 कुत्तों को दफनाया जा चुका है। यहां कुत्तों के दफनाने पर आने वाला पूरा खर्च नौशाद हुसैन खुद वहन करते हैं।
कही आप अपने कुत्तो को वहा ले जाने की तो नही सोच रहे है ?
संता और बंतासंता (बंता से)- शराब से ज्यादा नुकसान तो पानी ने पहुंचाया है।
बंता (संता से)- नही भाई, आप गलत कह रहे हैं।
संता- क्यों, पिछले साल बाढ़ से हजारों लोग नहीं मरे थे?